जनाबे ज़हरा सअ की अज़्मत मासूमीन अस कि नज़र में
जनाबे ज़हरा सअ की अज़्मत मासूमीन अस कि नज़र में 1 रसूल ख़ुदा (स.अ.व.) फ़ातिमा (स.अ.) मेरे बदन का टुकड़ा हैं। 📚फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) - तुलु से गुरूब तक,स 21 2 इमाम सादिक़ (अ.स.) बेशक़, आसमान में फ़ातिमा (स.अ.) का नाम मंसूरा है। 📚फ़ज़ाइल ए अहलेबैत (अ.स.), ज1,स 258 3 रिवायत जिसने फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) को पहचान लिया, उसने शब ए क़द्र को पहचान लिया। 📚मारेफ़त ए ज़हरा (सअ),स72 4 रसूल ख़ुदा (स.अ.व.) मेरी बेटी फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) हुरिया है जो ब-शक्ले इंसान पैदा हुई है। 📚बिहार उल अनवर,ज3,स13 5 रिवायत में है कि जनाबे फ़ातिमा (स.अ.) की वफ़ात मगरिब और ईशा के दरमियान हुई। 📚बैत उल अहज़ान - शेख़ अब्बास कुम्मी,स283 6 इमाम सादिक़ (अ.स.) अगर तस्बीह ए फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) में शक वक़ए हो उसको एहादा करो (दोबारा पढ़ो)। 📚फुरू ए काफ़ी,ज2,स112 7 इमाम महदी (स.) बिन्ते रसूल (जे. फ़ातिमा ज़हरा स.अ.) मेरे लिए उस्वातुन हसना (बेहतरीन नामुना) हैं। 📚मारेफ़त ए ज़हरा (सअ),स61 8 इमाम सादिक़ (अ.स.) तस्बीह ए फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) का शुमार (गिनत...