ईदे ग़दीर 14 सितारे में
⭕असहाब का तारीख़ी इजमाअ और तबलीग़े रिसालत स० की आख़िरी मन्ज़िल हज़रत अली अ० की ख़िलाफत का ऐलान यह एक मुसल्लिमा हकीकत है कि खल्लाके आलम ने इन्तेख़ाबे खिलाफ़त को अपने लिये मख़सूस रखा है और इस में लोगों का दस्तरस नही होने दिया। फ़रमाया है। रब्बुका यख़लुको मा यशाओ व यख़तारो मा काना लहुमुल ख़ियरा सुब्हानल्लाहे तआला अम्मा युशरिकून "तुम्हारा रब ही पैंदा करता है और जिस को चाहता है। (नुबूव्वत व ख़िलाफत) के लिये मुनतख़ब करता है।" याद रहे कि इन्सान को न इन्तेख़ाब का कोई हक़ है और न वह इस में ख़ुदा के शरीक हो सकते हैं (प 20। रूकू 10)। यही वजह है कि उसने अपने तमाम खुलफ़ा आदम से खातम तक खुद मुकर्रर किये हैं और उनका ऐलान अपने नबियों के ज़रिये से कराया है। (📚रौज़तुस सफ़ा, तारीख़े कामिल, तारीख़ इब्ने अलवरदी, अराएस सालबी वगैरा और इस में तमाम अम्बिया के किरदार की मुवाफेक्त का इतना लेहाज़ रखा है। कि तारीख़े ऐलान तक में फ़क्र नही आने दिया। अल्लामा बहाई व अल्लामा मज्लिसी लिखते हैं कि तमाम अम्बिया ने खिलाफ़त का ऐलान 18 ज़िल-हिज्जा को किया है। (📚जामए अब्बासी व . एखतियाराते. मजलिसी) मोवरेखीन का इत्तेफ़...