संदेश

जनवरी, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मेराज हज़रते रसूले अकरम सअवव

🪐मेराजुन नबी स० अल्लामा जीशान हैदर जव्वादी रक़म तराज़ हैं:- "27 रजब की शब आलमे इस्लाम में वह अज़ीम रात है जिसे "शबे मेराज" कहा जात है। मेराज की दास्तान कुरान मजीद में दो मुकाम पर तफ़सील के साथ ब्यान हुई है। एक मर्तबा सूरये असरा में और दूसरी मर्तबा सूरये वननज्म में। बाज़ ओलमाये कराम ने उन्हें खुसूसियात के पेश नज़र यह रास्ता इख़तियार किया है कि सरकारे दो आलम स० को कम अज़ कम दो मर्तबा मेराज हुई है। एक का हाल सुरये असरा में ब्यान हुआ है जिसका ज़ाहिर सफ़र मस्जिदे अक्सा पर तमाम हो गया था और दूसरी का तज़किरा सूरये वननज्म में है जहाँ सिदरतुल मुनतहा और काबा कौसैन तक तज़किरा है। इस सिलसिले में यह एहतेमाल भी पाया जाता है कि यह दो सफ़र हों ओर यह एहतेमाल भी है कि एक ही सफर दो मरहलों में हों। एक मरहला मस्जिदे अक्सा पर तमाम हुआ और दूसरा मरहला मस्जिदे अक्सा से शुरू हुआ हो और अरशे आज़म पर तमाम हुआ हो। बहर हाल सूरते वाकिया कुछ भी हो। न सरकार स० की मेराज में कोई शक हो सकता है और न रवायात के पेशे नज़र तअदु मवाज में कोई शक किया जा सकता है।" तारीखे अबुलफिदा में है कि जनाबे अबुतालिब की व...

27 रजब उल मुरज्जब बेसते रसूले अकरम सअवव

🌹बेअसत और नुजुले कुरान की इब्तेदा हज़रत रसूले खुदा स० ने बेअसत से दो साल कबल (अड़तीस साल की उम्र में) कोहे हिरा के एक गार को जिसकी लम्बाई चार हाथ और चौड़ाई डेढ़ हाथ थी अपनी इबादत गुज़ारी के लिये मुनतख़ब फ़रमा लिया था और उसी गार में बैठ कर आप इबादत व रियाजत के साथ साथ कमाले मारफ़त के आईने में जमाल व जलाले इलाही का मुशाहिदा फ़रमाते और खान-ए-काबा को देख कर दिली सुकून व क़लबी इत्मिनान महसूस करते। कभी कभी खाने की अशया और पीने का पानी भी अपने हमराह ले जाते और चार चार छः छः दिन क्याम फ़रमाते नीज़ रमज़ानुल मुबारक का पूरा महीना वहीं गुज़ारते थे। मुवरेखीन का ब्यान है कि जब आपकी उम्र चालीस साल एक यौम की हुई तो एक दिन आप इसी आलमे तन्हाई में मसरूफे इबादत थे कि कानों में आवाज़ आई "या मुहम्मद स०" आपने इधर उधर देखा मगर कोई दिखायी न दिया। फिर आवाज़ आयी और फिर आपने देखा तो आपकी नज़र एक नूरानी मख़लूक पर पड़ी। वह हज़रत जिबरील अ० थे. उन्होंने कहा या मुहम्मद स० ! पढ़ो "एकरा" आपने फ़रमाया "मा एक़रा" क्या पढ़ो? जिबरील ने कहा, "एक़रा बइसमे रब्बेकल लज़ी ख़ल्का। फिर आपने सब कु...