हज़रते इमामे हसन अल-असकरी अलैहिस्सलाम के हवाले से कुछ सवालात और जवाबात
📕हज़रत इमामे हसन अस्करी अलैहिस्सलाम के हवाले से कुछ सवालात और जवाबात📕
🔸सवाल 1: इमाम हसन अस्करी(अ०) कब और कहाँ पैदा हुए थे?
जवाब : 10 रबिउस सानी सन 232 हिजरी को मदीने में पैदा हुए।
🔸सवाल 2 : आपके वालिद और वालिदा के इस्माए गिरामी बताएं?
जवाब : इमाम अली नकी (अ०) आपके वालिद माजिद थे। हदीसा ख़ातून आपकी वालिदा थीं।
🔸सवाल 3: आपकी कुन्नियत क्या है?
जवाब : अबु मुहम्मद ।
🔸सवाल 4 : इमाम हसन अस्करी (अ०) के अलकाबात बताएं?
जवाब : अस्करी, हादी, ज़की, सिराज।
🔸सवाल 5 : इमाम हसन अस्करी (०) की शादी किस खातून से हुई?
जवाब : नरजिस खातून से। मोहतरमा कैसर रोम की पोती थीं औरामऊन वसी ईसा की नस्ल से थीं।
🔸सवाल 6 : इमाम हसन अस्करी (३०) की कितनी औलादों थीं?
जवाब : सिर्फ इमाम मुहम्मद मेंहदी (अ०)।
🔸सवाल 7 : इमाम हसन अस्करी (५०) से कौन सी तफ्सीर मंसूब है?
जवाब: आसारे हैदरी।
🔸सवाल 8 : इमाम हसन अस्करी (५०) को जब दरिन्दों के कमरे में कैद किया गया तो उन्होंने क्या सुलूक किया?
जवाब : दरिन्दों ने आपके कदमों में सर रख दिये।
🔸सवाल 9: इमाम हसन अस्करी (०) को रोता देख कर बेहलोल ने वजह पूछी तो आपूने क्या बाते कीं?
जवाब : बेहलोल ने दिल बहलाने के लिए खिलौने लाकर देने को कहा इमाम ने फ़रमाया हम खेल के लिए नहीं इबादत और इल्म के लिए पैदा किए गए। बेहलोल ने फिर पूछाः रो क्यों रहे थे। कहा मैंने अपनी माँ को आग जलाते देखा है आग जलाते हुए छोटी लकड़िया इस्तेमाल करती हैं। डर लगता है कि कहीं जहन्नुम के ईंधन के लिए हम छोटे और कमसिन न इस्तेमाल किए जाएं।
🔸सवाल 10 : खलीफ मुस्तीन बिल्लाह के सरकश घोड़े का वाकिया बयान करें ?
जवाब : उसने इमाम हसन अस्करी (१०) को कत्ल करने के मंसूबे पर अमल करते हुए सरकश घोड़े पर सवार होने के लिये कहा। ज्योंही आप उस घोड़े के क़रीब हुए वह राम हो गया। बादशाह ने वह उन्हें ही दे दिया।
🔸सवाल 11 : इमाम हसन अस्करी (अ०) कितनी ज़बानों से आगाह थे?
जवाब : अपने आबाव अजदाद की तरह तमाम जबानों से आगाह थे।
🔸सवाल 12: इस्हाक कुन्दी को तनाक़िस कुरआन लिखने से इमाम ने कैसे रोका?
जवाब : इमाम ने उस कुन्दी के शागिर्द को यह सवाल देकर भेजा कि अगर अल्लाह कुरआन को तुम्हारे पास लाये तो क्या हो सकता है? कि इसका मतलब तुम्हारे समझे हुए मतलब के ख़िलाफ हो। कुन्दी ने कहा ऐसा मुमकिन है। शागिर्द ने कहा फिर तनाकिस कुरआन लिखने से क्या फायदा। इस पर वह हैरान हुआ और तनाकिस कुरआन जला डाली।
🔸सवाल 13 : इमाम हसन अस्करी (०) की शहादत कब और कहां हुई? जवाब : 8 रबिल अव्वल सन 260 हिजरी को जुमे के दिन सामरा में शहीद हुए।
🔸सवाल 14: इमाम हसन अस्करी (०) को किसने ज़हर दिलवाया?
जवाब : मोहतमद अब्बासी ने।
🔸सवाल 15 : इमाम हसन अस्करी(०) की नमाज़े जनाज़ा किसने पढ़ाई?
जवाब : इमाम मो० मेंहदी आखिरूज़ज़मान (७०) ने।
🔸सवाल 16 : इमाम हसन अस्करी (५०) के चन्द इरशादात बतायें।
जवाब : (1) तुम्हारा बेहतरीन भाई वह है जो तुम्हारे गुनाह को भूल जाये और तुमने जो उस पर ऐहसान किये हैं उनको याद रखे।
(2) हर बुराई की कुंजी गुस्सा है।
(3) मोमिन, मोमिन के लिये बाएसे बरकत और काफिर के लिये हुज्जत है।
(4) जिस रिज़क की खुदा ने ज़मानत दी है तुमको वाजिब अमल से न रोक दे।
(5) तक़वा इख़तेयार करो और हमारे लिये बाइसे ज़ीनत बनो, बाइसे बुराई न बनो।
🔸सवाल 17 : इमाम हसन अस्करी (०) ने अपने मोब्बिान की क्या अलामते बयान फरमाई हैं?
जवाब : जो उसूल व फुरूग और दीगर लवाज़मात के साथ-साथ इन दस चीज़ों से कायल व आमिल होंगे।
(1) 51 रकअत नमाज़ पढ़ना (2) सिजदेगाह करबला पर सजदा करना (3) दाहिने हांथ में अंगूठी पहेन्ना (4) अज़ान व अकामत के जुमले दो-दो बार कहना (5) अज़ान व अकामत में हैय्या ला खैरिल अमल कहना (6) नमाज़ में बिस्मिल्लाह बिलजहर पढ़ना (7) दूसरी रकअत में कुनूत पढ़ना (8) आफताब की ज़रदी से पहले नमाज़ अस्र और तारों के डूब जाने से पहले नमाज़े फज्र पढ़ना (9) सर और दाहड़ी में वसमा का ख़िज़ाब करना (10) नमाज़े मय्यत में पाँच तकबीरे पढ़ना।
Post By :- Amhat Azadari
🔸सवाल 1: इमाम हसन अस्करी(अ०) कब और कहाँ पैदा हुए थे?
जवाब : 10 रबिउस सानी सन 232 हिजरी को मदीने में पैदा हुए।
🔸सवाल 2 : आपके वालिद और वालिदा के इस्माए गिरामी बताएं?
जवाब : इमाम अली नकी (अ०) आपके वालिद माजिद थे। हदीसा ख़ातून आपकी वालिदा थीं।
🔸सवाल 3: आपकी कुन्नियत क्या है?
जवाब : अबु मुहम्मद ।
🔸सवाल 4 : इमाम हसन अस्करी (अ०) के अलकाबात बताएं?
जवाब : अस्करी, हादी, ज़की, सिराज।
🔸सवाल 5 : इमाम हसन अस्करी (०) की शादी किस खातून से हुई?
जवाब : नरजिस खातून से। मोहतरमा कैसर रोम की पोती थीं औरामऊन वसी ईसा की नस्ल से थीं।
🔸सवाल 6 : इमाम हसन अस्करी (३०) की कितनी औलादों थीं?
जवाब : सिर्फ इमाम मुहम्मद मेंहदी (अ०)।
🔸सवाल 7 : इमाम हसन अस्करी (५०) से कौन सी तफ्सीर मंसूब है?
जवाब: आसारे हैदरी।
🔸सवाल 8 : इमाम हसन अस्करी (५०) को जब दरिन्दों के कमरे में कैद किया गया तो उन्होंने क्या सुलूक किया?
जवाब : दरिन्दों ने आपके कदमों में सर रख दिये।
🔸सवाल 9: इमाम हसन अस्करी (०) को रोता देख कर बेहलोल ने वजह पूछी तो आपूने क्या बाते कीं?
जवाब : बेहलोल ने दिल बहलाने के लिए खिलौने लाकर देने को कहा इमाम ने फ़रमाया हम खेल के लिए नहीं इबादत और इल्म के लिए पैदा किए गए। बेहलोल ने फिर पूछाः रो क्यों रहे थे। कहा मैंने अपनी माँ को आग जलाते देखा है आग जलाते हुए छोटी लकड़िया इस्तेमाल करती हैं। डर लगता है कि कहीं जहन्नुम के ईंधन के लिए हम छोटे और कमसिन न इस्तेमाल किए जाएं।
🔸सवाल 10 : खलीफ मुस्तीन बिल्लाह के सरकश घोड़े का वाकिया बयान करें ?
जवाब : उसने इमाम हसन अस्करी (१०) को कत्ल करने के मंसूबे पर अमल करते हुए सरकश घोड़े पर सवार होने के लिये कहा। ज्योंही आप उस घोड़े के क़रीब हुए वह राम हो गया। बादशाह ने वह उन्हें ही दे दिया।
🔸सवाल 11 : इमाम हसन अस्करी (अ०) कितनी ज़बानों से आगाह थे?
जवाब : अपने आबाव अजदाद की तरह तमाम जबानों से आगाह थे।
🔸सवाल 12: इस्हाक कुन्दी को तनाक़िस कुरआन लिखने से इमाम ने कैसे रोका?
जवाब : इमाम ने उस कुन्दी के शागिर्द को यह सवाल देकर भेजा कि अगर अल्लाह कुरआन को तुम्हारे पास लाये तो क्या हो सकता है? कि इसका मतलब तुम्हारे समझे हुए मतलब के ख़िलाफ हो। कुन्दी ने कहा ऐसा मुमकिन है। शागिर्द ने कहा फिर तनाकिस कुरआन लिखने से क्या फायदा। इस पर वह हैरान हुआ और तनाकिस कुरआन जला डाली।
🔸सवाल 13 : इमाम हसन अस्करी (०) की शहादत कब और कहां हुई? जवाब : 8 रबिल अव्वल सन 260 हिजरी को जुमे के दिन सामरा में शहीद हुए।
🔸सवाल 14: इमाम हसन अस्करी (०) को किसने ज़हर दिलवाया?
जवाब : मोहतमद अब्बासी ने।
🔸सवाल 15 : इमाम हसन अस्करी(०) की नमाज़े जनाज़ा किसने पढ़ाई?
जवाब : इमाम मो० मेंहदी आखिरूज़ज़मान (७०) ने।
🔸सवाल 16 : इमाम हसन अस्करी (५०) के चन्द इरशादात बतायें।
जवाब : (1) तुम्हारा बेहतरीन भाई वह है जो तुम्हारे गुनाह को भूल जाये और तुमने जो उस पर ऐहसान किये हैं उनको याद रखे।
(2) हर बुराई की कुंजी गुस्सा है।
(3) मोमिन, मोमिन के लिये बाएसे बरकत और काफिर के लिये हुज्जत है।
(4) जिस रिज़क की खुदा ने ज़मानत दी है तुमको वाजिब अमल से न रोक दे।
(5) तक़वा इख़तेयार करो और हमारे लिये बाइसे ज़ीनत बनो, बाइसे बुराई न बनो।
🔸सवाल 17 : इमाम हसन अस्करी (०) ने अपने मोब्बिान की क्या अलामते बयान फरमाई हैं?
जवाब : जो उसूल व फुरूग और दीगर लवाज़मात के साथ-साथ इन दस चीज़ों से कायल व आमिल होंगे।
(1) 51 रकअत नमाज़ पढ़ना (2) सिजदेगाह करबला पर सजदा करना (3) दाहिने हांथ में अंगूठी पहेन्ना (4) अज़ान व अकामत के जुमले दो-दो बार कहना (5) अज़ान व अकामत में हैय्या ला खैरिल अमल कहना (6) नमाज़ में बिस्मिल्लाह बिलजहर पढ़ना (7) दूसरी रकअत में कुनूत पढ़ना (8) आफताब की ज़रदी से पहले नमाज़ अस्र और तारों के डूब जाने से पहले नमाज़े फज्र पढ़ना (9) सर और दाहड़ी में वसमा का ख़िज़ाब करना (10) नमाज़े मय्यत में पाँच तकबीरे पढ़ना।
Post By :- Amhat Azadari
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