11 फ़रवरी 1979 इंक़ेलाबे इस्लामी ईरान

शियाने ईरान का ये क़याम 15 खुरदाद 1342 हिजरी शीन मुताबिक 5 जून 1963 को कायद अज़ीमुश्शान आयतुल्लाह अलउज़मा इमाम ख़ुमैनी की, शाही कारिन्दों के हाथों गिरफ़्तारी के बाद, कुम तेहरान, वरामीन और मुल्क के गोशे व किनार में मुसलमानों के दिलेराना क़याम से शुरू हुआ... 12 बहमन, 1357 हिजरी शीन मुताबिक 1 फरवरी, 1978 को क़ायदे इन्क़ेलाबी इस्लामी वतन वापस तशरीफ लाये और मिल्लत मुसलमान ने अपर्ने कायद का शानदार इस्तेक़बाल किया, इमाम ख़ुमैनी ने आरज़ी हुकूमत का सद्र, इंजीनियर महदी बाज़रगान को मुकर्रर किया और 22 बहमन 1357 हिजरी शीन मुताबिक 11 फरवरी 1978 को इस्लामी इन्केलाब, मुस्लमानों की मुश्तरका जिद्दो जेहद से काम्याब हुआ ("क्याम खुनीन शिया व रसूल तारीख़े इस्लाम", मोअल्लिफ अब्दुस् समद इस्लामी, के इक़्तेबासात से शियों के क़याम का यह मुख़्तसर खाका तैयार किया गया है, इसके अलावा मुलाहिज़ा हो "मरवज्जुज़ ज़हब, मोअल्लिफ़ मसऊदी और तारीख़े तबरी) और इस तरह शिया मुस्लमानों की वज देरीना आरज़ू पूरी हो गयी जिसके लिये चौदह सौ साल से जिद्दो जेहद करते चले आ रहे थे, अलबत्ता यह जिद्दो जेहद हज़रत इमाम महदी (अतफ़श) के ज़हूर तक इसी तरह जारी रहनी चाहिये, ताकि पूरी दुनिया में अम्न व अमान और अल व इन्साफ क़ायम हो जाये। 

आमीन या रब्बिल आलमीन !🤲

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