इमामे हुसैन अलैहिस्सलाम की गर्दे क़दम और अबु हुरैरा लानती

इमाम हुसैन (अ.स.) की गर्दे क़दम और अबू हुरैरा :-

अबू हुरैरा जो झूठी हदीसे गढ़ने में माहिर थे और मुआविया ने मौला अली (अ.) के ख़िलाफ़ झूठी हदीसों के गढ़ने की इन्हीं को जिम्मेदारी सौंपी थी।

इनका ये हाल था कि ये नमाज़ हजरत अली (अ.) के पीछे पढ़ते थे और खाना मुआविया के दस्तरख्वान पर खाते थे। बहर हाल इस मुनाफ़िकत के बावुजूद एक बार एक मैयत में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और अबू हुरैरा साथ-साथ शरीक थे। साथ-साथ चल रहे थे। रास्ते में थोड़ी देर के लिये रूक गये तो 'अबू हुरैरा' ने फौरन रूमाल निकाल कर इमामे हुसैन के पाये मुबारक की ख़ाक और जूतियों की गर्द झाड़ना शुरू कर दी।

'इमामे हुसैन (अ.स.) ने मना किया तो 'अबू हुरैरा' ने कहा "मौला मना न फ़रमायें। आप इस काबिल है कि आपकी गर्दे क़दम साफ करूँ। मुझे यकीन है कि अगर लोगों को आपके फज़ायल व करामात मालूम हो जायें जो मैं जानता हूँ तो ये लोग आपको अपने कन्धों पर उठाये फिरे। (📚तारीख़े तबरी जिल्द 3 पेज 19)

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

इमामे हुसैन अलैहिस्सलाम की मुख़्तसर सवाने हयात

हज़रते अब्बास अलैहिस्सलाम के मानी ?

इमामे हुसैन अलैहिस्सलाम की वसीयत इमामे सज्जाद अलैहिस्सलाम के नाम ?