इमामे हुसैन अलैहिस्सलाम की क़ब्रे मुताहर पर क्या लिखा थी?

⭕जब इमामे सज्जाद अलैहिस्सलाम ने इमामे हुसैन अलैहिस्सलाम का बदने मुताहर क़ब्र में रखा तो आप ने बुरीदा रंगों पर अपने मुबारक लब रखे और फ़रमाया "ख़ुद क़िस्मत है वो ज़मीन जिस में आप का पाकिज़ा जसद है और रात के बारे में बताऊं तो अब मेरी आंखों में नींद नहीं है और अपने ग़म व हुज़्न के बारे में बताऊं तो इस की इंतेहा नहीं है।
यहां तक के आप के अहलेबैत भी वहां वारिद हो जाएं जहां आप मुक़ीम हैं मेरे तरफ़ से आप पर सलाम हो,एै फ़रज़ंदे रसूले ख़ुदा सअवव और आप पर ख़ुदा की रहमत और बरकत हो।

फिर इमामे सज्जाद अलैहिस्सलाम ने इमामे हुसैन अलैहिस्सलाम की क़ब्रें मुताहर पर लिखा

هذا قَبْرُ الْحُسَيْنِ بْنِ عَليِّ بْنِ أَبِي طالِبٍ الَّذِى قَتَلُوهُ عَطْشانا غَرِيباً.

ये हुसैन इब्ने अली इब्ने अबितालिब की क़ब्र है जिन्हें तशना और ग़रीब क़त्ल किया गया।

📚 तारीख़े इमामे हुसैन अलैहिस्सलाम स9,ज2

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