ज़ियारते अरबाईन का तर्जुमा
⚫ज़ियारते अरबाईन का तर्जुमा........
सलाम खुदा के दोस्त और उसके महबूब पर सलाम खुदा के खलील और उसके चुने हुवे पर सलाम खुदा के चुने हुवे के बेटे पर सलाम मज़लूम और शहीद हुसैन (अ०) पर सलाम मुसीबत में गिरफ्तार और कत्ल किये हुवे (हुसैन अ०) पर खुदा वन्दा मैं गवाही देता हूँ, इस बात की कि वह तेरे दोस्त हैं और तेरे दोस्ते के बेटे और तेरे चुने हुवे हैं और तेरे चुने हुवे के बेटे वह कामियाब हुवे हैं तेरी तरफ से इज़्ज़त के साथ और तूने उनको बुजुर्ग (बड़ा) करार दिया है, शहादत के साथ और अता की है उनको सआदत और सरबुलन्दी और मखसूस किया है उन को पाकीजः पैदाइश के साथ और करार दिया है उनको एक सरदारों में से और एक रहनुमा रहनुमाओं में से और एक मुजाहिद मुजाहिदीन में से और अता की है उन को मीरासें नबीयों (अ०) की और करार दिया है उनको हुज्जत अपने मखलूकात पर औसिया (वसीयों) में से अतः उन्हें हक की दावत दी और नसीहत पेश की और खैर ख़्वाही सर्फ की आज़माइश के मौके पर और दे दी अपनी जान तेरे रास्ते में ताकि निकालें तेरे बन्दों को जिहालत और मुमराही की हैरत से और उनके खिलाफ ऐका किया उन लोगों ने जो दुनिया के फरेब (धोके) में मुबतला (पड़े) थे और जिन्होंने बेचा था अपने नसीब को मामूली कीमत पर और ख़रीदा अपनी आखेरत को घटिया कीमत पर और सरकशी की और अपनी ख़्वाहिशों के गडढ़े में गिरे और तुझे नाराज़ किया और तेरे नबी (स०) को नाराज़ किया और इताअत की तेरे बन्दों में से मुखलिफ और मुनाफिक और गुनाहगार लोगों की, जो जहन्नम की आग के हकदार थे, अतः उन बुजुर्गवार ने जिहाद किया उन लोगों से सब्र करते हुवे और तकलीफों को बर्दाश्त करते हुवे यहाँ तक कि वह गया तेरी इताअत में उनका खून और बर्बाद की गयी उनकी हुरमत खुदावन्दा इसलिए लअनत कर उन लोगों पर बहुत ज़्यादा लअनत और सज़ा दे उन्हें दर्दनाक सज़ा सलाम आप पर ए रसूल-ए-खुदा (स०) के बेटे सलाम आप पर ए औसिया के सरदार के बेटे मैं गवाही देता हूँ कि आप खुदाके अमानतदार और उसके अमानतदार के बेटे हैं आपने सआदत (नेकी) के साथ ज़िन्दगी गुज़ारी और काबिल-ए-तअरीफ और बेमिसाल होकर गुज़र गये और वफात पायी आपने मज़लूम और शहीद होने की हालत में और मैं गवाही देता हूँ कि यकीनन खुदा पूरा करेगा आपके लिए जो उसने आप से वअदः किया है और हलाक करेगा उन लोगों को जो आपका साथ न दें और सज़ा देगा उन लोगों को जिन्होंने आप को कत्ल किया और मैं गवाही देता हूँ कि आपने पूरा किया खुदा के अहद को और जिहाद किया खुदा के रास्ते में यहाँ तक कि आई आप को मौत इसलिए लअनत करे खुदा उन लोगों पर जिन्होंने आप को कत्ल किया और लअनत करे खुदा उन लोगों पर जिन्होंने आप पर जुल्म किया ओर लअनत करे खुदा उस जमाअत पर जिसने सुना तो वह इस पर राज़ी हुआ खुदावन्दा मैं गवाह करता हूँ तुझको कि मैं दोस्त हूँ उस शख्स का जो इनको दोस्त रखे और दुश्मन हूँ उसका जो इनको दुश्मन रखे मेरे माँ-बाप फिदा हों आप पर ए रसूल-ए-खुदा (स०) के बेटे मैं गवाही देता हूँकि बेशक आप एक नूर थे पाकीजः और महानतर सुलबों (अस्थि श्रंखलाओं) में और पाकीजः रहिमों (गर्भाशयों) में जो कभी जिहालत की निजासत से ख़राब नहीं हुवे और गुमराही के अन्धेरों में नहीं घिर सके और मैं गवाही देता हूँ कि आप दीन (धर्म) के सुतून (खम्भे) में से और मुसलमानों के अरकान में से और मोमेनीन के लिए पनाह की जगह हैं, मैं गवाही देता हूँ कि आप इमाम, नेक, मुत्तकी, पसंदीदः, पाकीजः रहनुमा और हिदायत पाये हुवे हैं और मैं गवाही देता हूँ कि आइम्मः आप की औलाद में से थे परहेज़गारी की बात रखने वाले और हिदायत के सुतून और मज़बूत हिदायत की गिरह और पूरी दुनिया के लिए हुज्जत हैं और मैं गवाही देता हूँ कि आप पर ईमान लाता हूँ और आपकी वापसी (रजअत) व्यर यकीन रखता हूँ अपने मज़हबी शरीअत के अहकाम और अपने अमल के आखिरी अन्जामों के साथ और मेरा दिल आपके दिल के साथ मिला हुवा और मेरा मामल: आपके मामलों के साथ जुड़ा हुआ है और मेरी मदद आपके लिए हाज़िर है यहाँ तक कि खुदा आप लोगों को इजाज़त दे अतः मैं आपके साथ हूँ आपके दुश्मनों के साथ नहीं आप लोगों पर खुदा की रहमतें और आप की रूहों और जिस्मों और लाशों पर और आप में से जो हाज़िर हो ओर जो गायब हो और जो ज़ाहिर हो ओर जो छुपा हो सब पर आमीन ए तमाम जहानों (दुनियाओं के परवर्दिगार।]
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