हज़रत अब्बास अ० की ख़िदमत में अमान नामा
⭕हज़रत अब्बास अ० की ख़िदमत में अमान नामा
मोहर्रमुल हराम की नवीं तारीख को दिन ढल चुकने के बाद शिम्र अपने खेमे से बरामद हुआ और हज़रम इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के करीब आकर आवाज़ दी। अब्दुल्लाह, जाफ व अब्बास व उस्मान कहां हैं। मेरे सामने आयें। मैं उनके लिये हुक्मे अमान लाया हूं। उन हज़रात ने जब अमन का लफ़्ज़ सुना खामोशी इख़्तियार फमाई और बज़ाहिर जवाब भी देने का इरादा न था। लेकिन हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने शिम्र के कलेमात सुनते ही हज़रत अब्बास अ० से फरमाया।
तुम लोग देखो तो सही यह कहता क्या है। अगर चे यह फासिक है, लेकिन तुम्हारा मामू होता है। (1)
{1. अल्लामा कन्तूरी लिखते हैं कि बाज़ रिवायात की बिना पर हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने हज़रत अब्बास से नहीं बल्कि उनके भाईयों से फ्रमाया था कि शिम्र मलाऊन को जवाब दो। उनके एयूने अल्फाज़ यह हैं फकालल हुसैन ला खोतेहि अजबूहो और आपने यह इस लिये कहा था ताकि हज़रत अब्बास अ० का एहतेराम हो सके।}
यह सुनकर हज़रत असदुल्लाह अली बिन अबीतालिब के चारों शेर खेमे से निकल पड़े, और करीब जाकर पूछा। क्या कहता है। उसने कहा ऐ मेरे भांजो ! तुम्हारे लिये दामने अमन वसी है और इब्ने ज़ियाद से मैंने तुम्हारी निजात का हुक्म ले लिया है।" तुम हुसैन के साथ रहकर फजूल अपनी जान न दो और हसैन के लश्कर से किनाराकश होकर यजीद की इताअत में आ जाओ ।
हज़रत अब्बास अ० का शिम्र को मूह तोड़ जवाब
यह सुनते ही उन लोगों ने बडी दिलेरी के साथ अमान नामे को ठुकराते हुए कहा "खुदा तुझ पर और तेरी अमान पर लानत करे हमें तू अमन देता है और फ़ज़न्दे रसूल अलैहिस्सलाम के लिये अमान नहीं। "सैय्यद इबने ताऊस फ़रमाते हैं :
हज़रत अब्बास ने डान्ट कर फ़रमाया ख़ुदा तुझे दाखिले जहन्नुम करे, और तेरी अमान पर लानत करे। ऐ दुश्मने ख़ुदा हमें मशविरा देता है कि हम अपने भाई और आक़ा हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को छोड़ कर मलाऊन की इताअत में दाखिल हो जायें।
यह सुनते ही शिम्र मलऊन आग बगूला हो कर गैज़ो ग़ज़ब के आलम में अपने लश्कर की तरफ़ वापस चला गया। (📚नासिखुल तवारीख जिल्द ... स० 243, जलाउल ओयून स० 198, दमअए साकेबा स० 324, मक्तले अवालिम स० 79, तोहफ़ए हुसैनिया स० 119, तारीखे आसिम कूफी स0 267) मख़ज़नुल बुका, मुल्ला सालेह बरगानी मीम 6 तबअ ईरान सन् 1299 माएतीन फी मक्तलुल हुसैन स० 457 तारीख़े तबरी जिल्द 6 स0 237)
1. तब्बत यदाना व खौले जहन्नुम से कुनाया है। हज़रत रसूले खुदा को अबू लहब मलाऊन ने कहा' फ्यालका.... तो खुदा वन्दे आलम ने सरः तब्बत यदा अबी लहब नाज़िल फ्रमाकर इसको वाजेह कर दिया कि अबूलहब मलऊन जहन्नुमी है तफ्सीर मजमउल बयान जिल्द 2 स0 522 तबअ ईरान और हज़रत अब्बास ने शिम्र मलऊन को तब्बत यदाक फ्रामा कर उसके जहन्नुमी होने की सनद दे दी है।
📚ज़िकरुल अब्बास अलैहिस्सलाम, अल्लामा नजमुल हसन करारवी सा0
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