कर्बला के 20वें शहीद

कर्बला के 20वें शहीद हज़रते अम्मारा इब्ने सलामता अल दलानी

आप क़बाइले हमदान से कबीला-ऐ-बनी दालान के (इज़्ज़त दार) शख़्स थे। आप का पूरा नाम अम्मार इब्ने सलामः इब्ने अब्दुल्लाह इब्ने इमरान इब्ने रास इब्ने दालान अबुसलामा हमदानी था। आप को हुजूर रसूले करीम के सहाबी होने का शरफ हासिल था। अल्लामा समावी का बयान है कि आप अमीरुल मोमिनीन के असहाब में थे जंगे जमल व सिफ्फीन और नहरवान में हज़रत के साथ रहे बसरा की तरफ जंग के इरादे से रवाना होते वक़्त मंज़िल जी-वकार पर उन्हे अबू सलामा दालानी ने हज़रत अली से पूछा था कि बसरा पहुँच कर आप का क्या तर्जे अमल होगा आप ने फ्रमाया था कि मैं तबलीग करूँगा और लोगो को खुदा की तरफ दावत दूँगा अगर न माने तो फिर लडूगाँ इस के जवाब में दलानी ने कहा था हुजूर ज़रूर ग़ालिब आयेंगे क्यों कि खुदा की तरफ बुलाने वाला कभी मगलूब नही होता।

अल-ग़रज़ यह अबु सलामा अमारा दालानी बड़ी खूवियों के मालिक थे। आले मोहम्मद का साथ देना अपना फ्रीज़ा जानते थे। आप इमाम हुसैन अलै० कि ख़िदमत में ब-मकाम करबला हाज़िर हुये और सुबहे आशूर शहीद हो गये।

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